Published on Jul 14, 2026
बिहार में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत नए पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में रोहतास जिले को 13 अगस्त 2026 तक 29,586 नए राशन कार्ड जारी करने का लक्ष्य सौंपा गया है। राज्य स्तर पर हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निष्पादन करने के निर्देश दिए गए।
यह समीक्षा बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई, जिसमें सभी जिलों के जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
सरकारी समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार में NFSA के तहत बड़ी संख्या में नए पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।
रोहतास जिले को दिए गए लक्ष्य के अनुसार 13 अगस्त 2026 तक 29,586 नए राशन कार्ड जारी करने होंगे। समय-सीमा को देखते हुए जिले को प्रतिदिन लगभग 980 नए राशन कार्ड तैयार कर लाभार्थियों तक पहुंचाने होंगे।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि राशन कार्ड के लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन कर जल्द स्वीकृति दी जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र परिवारों को बिना अनावश्यक देरी के राशन कार्ड उपलब्ध हो सके।
सरकार का उद्देश्य है कि योग्य लाभार्थियों को समय पर खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके।
राज्य सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी हों और पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके साथ ही आवेदन से लेकर राशन कार्ड जारी होने तक की प्रक्रिया की नियमित निगरानी करने को भी कहा गया।
सरकार लगातार ऐसे परिवारों की पहचान कर रही है जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र होने के बावजूद अब तक राशन कार्ड से वंचित हैं। नए लक्ष्य का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जोड़ना है।
यदि आपने नया राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया है, तो समय-समय पर अपने आवेदन की स्थिति जांचते रहें।
साथ ही यह सुनिश्चित करें कि—
राज्य सरकार चाहती है कि सभी जिलों में राशन कार्ड वितरण की प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी हो। इससे पात्र परिवारों को खाद्यान्न योजना का लाभ समय पर मिलेगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।