Published on Jul 06, 2026
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले में राशन कार्ड सत्यापन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाए गए हैं। जिला आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी से 30 जून 2026 के बीच जिले में 37,706 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। इसके चलते करीब 1.80 लाख लाभार्थी (यूनिट) अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले मुफ्त राशन के दायरे से बाहर हो गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद जिले में राशन कार्ड लाभार्थियों की सूची में बड़ा बदलाव माना जा रहा है और प्रभावित परिवारों के बीच इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जिला प्रशासन ने राशन कार्डों का विशेष सत्यापन अभियान चलाकर पात्र और अपात्र लाभार्थियों की पहचान की। जांच के दौरान ऐसे कार्डों को रद्द किया गया जो निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए।
विभाग के अनुसार यह अभियान अभी भी जारी है और आने वाले समय में अन्य मामलों की भी जांच की जाएगी।
जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार राशन कार्ड निरस्त करने के पीछे कई प्रमुख कारण रहे।
इनमें शामिल हैं:
इन्हीं कारणों के आधार पर हजारों राशन कार्ड सूची से हटाए गए हैं।
जारी रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक राशन कार्ड गोपालगंज अनुमंडल में निरस्त किए गए हैं।
| अनुमंडल | निरस्त राशन कार्ड |
|---|---|
| गोपालगंज | 26,525 |
| हथुआ | 11,181 |
प्रखंडवार आंकड़ों में कुचायकोट सबसे ऊपर रहा, जहां सबसे अधिक राशन कार्ड निरस्त किए गए।
| प्रखंड | निरस्त राशन कार्ड |
|---|---|
| कुचायकोट | 5,703 |
| बैकुंठपुर | 5,203 |
| सिधवलिया | 3,784 |
| मांझा | 3,207 |
| बरौली | 3,111 |
| भोरे | 2,872 |
| हथुआ | 2,684 |
| गोपालगंज | 2,242 |
| विजयीपुर | 1,840 |
| थावे | 1,105 |
| कटेया | 1,075 |
| फुलवरिया | 1,042 |
| उचकागांव | 981 |
| पंचदेवरी | 537 |
सत्यापन अभियान का असर केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा।
जिले के चार शहरी निकायों में भी 2,320 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, जिससे करीब 11 हजार शहरी लाभार्थी प्रभावित हुए हैं।
शहरी क्षेत्र में आंकड़े इस प्रकार हैं:
यदि किसी पात्र व्यक्ति का राशन कार्ड सत्यापन के दौरान निरस्त हो गया है, तो वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में आवेदन देकर अपनी पात्रता की दोबारा जांच करा सकता है।
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने पर आगे की कार्रवाई विभाग द्वारा की जाएगी।
जिला आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन कार्डों का सत्यापन अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। भविष्य में भी पात्रता के आधार पर सूची का लगातार पुनरीक्षण किया जाएगा, ताकि केवल वास्तविक और पात्र परिवारों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।