Published on Jul 10, 2026
पटना: बिहार में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य में 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी खाद्यान्न योजना के लाभ से वंचित न रहे।
इस समीक्षा बैठक में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पात्र परिवारों की सही पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए विभाग को लाभार्थियों का अद्यतन और सटीक डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि भविष्य में कोई भी पात्र नागरिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से बाहर न रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राशन वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। लाभार्थियों को समय पर और बिना किसी परेशानी के खाद्यान्न उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
इसके साथ ही वितरण प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीकी व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में बिहार की ऑनलाइन PDS व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल सिस्टम से राशन वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीक का उपयोग और बढ़ाया जाए ताकि लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से और सरल तरीके से पहुंच सके।
खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्य के सभी सरकारी गोदामों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, उनकी क्षमता बढ़ाने तथा रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा वेयरहाउस में बिजली और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य केवल मुफ्त अनाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को सम्मानपूर्वक सरकारी सुविधा उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राशन वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या असुविधा नहीं होनी चाहिए।
बैठक में केंद्र सरकार के सुझावों के अनुरूप राज्य में खाद्य सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के साथ सभी लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।