Published on Aug 26, 2026
बिहार के राशन कार्डधारकों के लिए जरूरी जानकारी सामने आई है। राशन वितरण व्यवस्था में लाभार्थियों का रिकॉर्ड अपडेट रखने के लिए लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले राशन कार्डों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही e-KYC, एक से अधिक राशन कार्ड में नाम और लाभार्थियों के रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का लाभ पात्र लोगों तक सही तरीके से पहुंचता रहे और राशन कार्ड में दर्ज जानकारी अपडेट रहे।
लगातार छह महीने तक राशन का उठाव नहीं करने वाले राशन कार्डों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
बिहार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार हर महीने की 21 तारीख को समीक्षा की जाएगी। इसके बाद अगले महीने की पहली तारीख से ऐसे राशन कार्डों को सिस्टम में निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, जिनसे पिछले छह महीने से राशन नहीं लिया गया है।
हालांकि, कार्ड निष्क्रिय होने का मतलब यह नहीं है कि वह हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे e-KYC और सत्यापन का अवसर मिल सकता है।
यदि किसी राशन कार्ड को निष्क्रिय किया जाता है, तो उसमें शामिल लाभार्थियों को e-KYC पूरी करने के लिए तीन महीने का समय दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है।
इस अवधि में लाभार्थी अपनी e-KYC पूरी करा सकते हैं। यदि निर्धारित समय के भीतर e-KYC पूरी नहीं होती है, तो सिस्टम के माध्यम से राशन की सुविधा प्रभावित हो सकती है।
इसलिए राशन कार्डधारकों को अपने परिवार के सभी सदस्यों की e-KYC स्थिति की जानकारी रखना जरूरी है।
e-KYC के जरिए राशन कार्ड में दर्ज लाभार्थियों की पहचान और रिकॉर्ड को अपडेट करने में मदद मिलती है।
यदि परिवार के किसी सदस्य की e-KYC अभी बाकी है, तो संबंधित व्यवस्था के अनुसार इसे पूरा कराना चाहिए। खासकर उन राशन कार्डों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है, जिनमें लंबे समय से राशन का उठाव नहीं हुआ है।
यदि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक राशन कार्ड में दर्ज है, तो ऐसे मामलों की भी पहचान की जाएगी।
आधार मिलान के जरिए डुप्लीकेट नामों की जांच की जा सकती है। इसके बाद पात्र व्यक्ति का नाम उचित राशन कार्ड में रखने और अपात्र या डुप्लीकेट प्रविष्टि को हटाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
ऐसे मामलों में परिवार को SMS के माध्यम से जानकारी देने तथा सत्यापन और e-KYC के लिए तीन महीने का समय देने की व्यवस्था बताई गई है।
Smart-PDS सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था है। इसके माध्यम से राशन वितरण और लाभार्थियों से संबंधित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं को व्यवस्थित करने की व्यवस्था की गई है।
बिहार के लिए Smart-PDS का पोर्टल यहां उपलब्ध है:

बिहार Smart-PDS पोर्टल पर अलग-अलग उपयोगकर्ताओं के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। पोर्टल पर दिखाई देने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:
Citizen Login आम नागरिकों के लिए उपलब्ध विकल्प है। इसमें Head of the Family (परिवार के मुखिया) के लिए लॉगिन सुविधा दी गई है।
Authority Login संबंधित सरकारी अधिकारियों या प्राधिकरण के लिए दिया गया लॉगिन विकल्प है। इसका उपयोग विभागीय स्तर पर PDS से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है।
FPS Login उचित मूल्य की दुकान यानी Fair Price Shop (FPS) से संबंधित उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। इसके माध्यम से PDS दुकानों से जुड़ी डिजिटल प्रक्रियाओं को संचालित किया जाता है।
राशन वितरण या PDS से जुड़ी शिकायतों के लिए Grievance Login विकल्प उपलब्ध है। इसका उपयोग शिकायत से संबंधित प्रक्रिया के लिए किया जा सकता है।
Smart-PDS पोर्टल पर Track Your Application विकल्प भी दिया गया है। उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार इसके माध्यम से आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
Smart-PDS पर उपलब्ध इन विकल्पों को देखने के लिए बिहार के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:
नोट: Smart-PDS पर उपलब्ध सुविधाएं समय के साथ अपडेट हो सकती हैं। किसी सेवा का उपयोग करने से पहले पोर्टल पर दिखाई दे रहे वर्तमान विकल्प और निर्देश जरूर देखें।
बिहार के e-PDS पोर्टल पर राशन कार्ड और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं।
राशन कार्ड से संबंधित जानकारी, कार्ड प्रबंधन और अन्य PDS सेवाओं के लिए आधिकारिक पोर्टल देखा जा सकता है:
राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी के लिए e-PDS पोर्टल पर उपलब्ध संबंधित विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है।
राशन कार्डधारकों को अपनी जानकारी और परिवार के सदस्यों का विवरण सही रखना चाहिए। खास तौर पर इन बातों पर ध्यान दें:
नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है।
छह महीने तक राशन नहीं लेने वाले कार्डों की समीक्षा और उन्हें निष्क्रिय करने की प्रक्रिया की जा सकती है। इसके बाद पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार e-KYC और सत्यापन का अवसर मिल सकता है।
इसलिए राशन कार्ड निष्क्रिय होने और स्थायी रूप से रद्द होने को एक ही बात नहीं समझना चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति का नाम गलती से दो राशन कार्डों में दर्ज है, तो संबंधित विभागीय प्रक्रिया के अनुसार इसका सत्यापन और सुधार कराया जाना चाहिए।
आधार आधारित मिलान के बाद पात्रता की जांच की जा सकती है। पात्र पाए जाने पर व्यक्ति का नाम उचित राशन कार्ड में रखा जा सकता है, जबकि डुप्लीकेट या अपात्र रिकॉर्ड को हटाने की कार्रवाई हो सकती है।
राशन कार्डों की समीक्षा, e-KYC और लाभार्थियों के रिकॉर्ड से संबंधित प्रक्रिया की निगरानी के लिए राज्यों को आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है।
जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर सत्यापन तथा e-KYC की प्रक्रिया में सहायता कर सकते हैं। इसका उद्देश्य राशन कार्ड में दर्ज लाभार्थियों की जानकारी को अधिक व्यवस्थित और अपडेट रखना है।
राशन वितरण व्यवस्था में डिजिटल सेवाओं के बढ़ने से लाभार्थियों के रिकॉर्ड, आवेदन और शिकायत जैसी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन तरीके से संभालना आसान हो सकता है।
इसलिए राशन कार्डधारकों के लिए e-KYC, राशन कार्ड की स्थिति, परिवार के सदस्यों का विवरण और Smart-PDS पर उपलब्ध सेवाओं की जानकारी रखना उपयोगी है।
यदि आप घर बैठे मोबाइल से नया राशन कार्ड आवेदन करने की पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया, आवेदन फॉर्म भरने का तरीका और विस्तृत गाइड पढ़ना चाहते हैं, तो हमारा यह लेख जरूर पढ़ें—
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ऐसे राशन कार्डों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सिस्टम में निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यह जरूरी नहीं कि कार्ड हमेशा के लिए समाप्त हो जाए।
पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार e-KYC और सत्यापन का अवसर दिया जा सकता है। आगे की कार्रवाई पात्रता और विभागीय नियमों के अनुसार होगी।
निष्क्रिय राशन कार्ड में शामिल लाभार्थियों को e-KYC पूरी करने के लिए तीन महीने तक का समय दिए जाने की जानकारी है।
निर्धारित अवधि में e-KYC पूरी नहीं होने पर सिस्टम के माध्यम से राशन की सुविधा रोकी जा सकती है।
ऐसे मामलों की पहचान और जांच की जाएगी। आधार आधारित मिलान के बाद डुप्लीकेट नाम को हटाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
Smart-PDS सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था है, जिसमें नागरिक, अधिकारी और FPS से संबंधित विभिन्न ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध हैं।
अपने राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों की जानकारी जांचें, जहां आवश्यक हो e-KYC पूरी कराएं और विभाग की ओर से मिलने वाली सूचना पर समय से कार्रवाई करें।
बिहार में राशन कार्डों की नियमित समीक्षा के साथ छह महीने से राशन नहीं लेने वाले कार्ड, e-KYC और एक से अधिक राशन कार्ड में दर्ज नामों की जांच पर ध्यान दिया जा रहा है। पात्र लाभार्थियों के लिए जरूरी है कि वे अपना रिकॉर्ड सही रखें और निर्धारित समय मिलने पर e-KYC तथा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करें।
इसके अलावा Smart-PDS पर Citizen Login, Authority Login, FPS Login, Grievance Login और Track Your Application जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। राशन कार्डधारक PDS से जुड़ी डिजिटल सेवाओं के लिए Smart-PDS और बिहार e-PDS के आधिकारिक पोर्टल को देख सकते हैं।