Published on Apr 22, 2026
घरेलू गैस की कमी से जूझ रहे Bihar के लोगों के लिए सरकार ने एक अहम राहत भरा कदम उठाया है। अब राज्य के राशन कार्डधारकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से कोयला उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे रसोई से जुड़ी परेशानियों को कम किया जा सके।
नई व्यवस्था के तहत National Food Security Act के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों को हर महीने लगभग 100 किलोग्राम (1 क्विंटल) कोयला दिया जाएगा।
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव, खासकर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद का असर भारत तक पहुंचा है।
सरकार ने इसके लिए एक चरणबद्ध सप्लाई सिस्टम तैयार किया है:
=> पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला स्तर पर विशेष टीम भी तैनात की जाएगी।
कोयला वितरण में शामिल एजेंसियों और थोक विक्रेताओं के लिए एक निश्चित चार्ज तय किया जाएगा।
=> जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स निम्न बिंदुओं पर निर्णय लेगी:
=> इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि व्यवस्था पारदर्शी और संतुलित बनी रहे।
सरकार इस पहल को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत लागू कर रही है।
=> इसका मुख्य उद्देश्य संकट की स्थिति में लोगों को राहत देना है, ताकि खाना पकाने जैसी बुनियादी जरूरतें प्रभावित न हों।
जहां एक तरफ यह फैसला लोगों को गैस की कमी से राहत देगा, वहीं दूसरी ओर कोयले के उपयोग से पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
=> फिलहाल सरकार का ध्यान तत्काल राहत देने पर केंद्रित है।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह कदम मौजूदा गैस संकट के बीच एक जरूरी और त्वरित समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
=> आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि गैस आपूर्ति सामान्य होने तक यह व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और लोगों को कितनी राहत मिलती है।