Published on Apr 27, 2026
Bihar के शिवहर जिले में राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद 10,488 लोगों के नाम राशन कार्ड सूची से हटा दिए गए हैं। अब गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर और सख्ती करते हुए उनके ड्राइविंग लाइसेंस तक रद्द करने की तैयारी की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा की गई जांच में ऐसे लोगों की पहचान की गई, जो नियमों के अनुसार राशन लेने के पात्र नहीं थे।
=> इनमें शामिल हैं:
=> इसके अलावा, कुछ मामलों में एक ही परिवार के कई लोगों ने अलग-अलग राशन कार्ड बनाकर लाभ लिया।
इस कार्रवाई में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) डेटा के साथ-साथ अन्य सरकारी रिकॉर्ड का भी उपयोग किया गया।
=> पहचान के लिए इन स्रोतों को आधार बनाया गया:
=> इन सभी को मिलाकर अपात्र लोगों को चिन्हित किया गया।
प्रशासन ने कार्रवाई से पहले संदिग्ध लाभार्थियों को नोटिस जारी किया था।
=> नोटिस किन-किन को भेजे गए:
=> संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके नाम सूची से हटा दिए गए।
=> जिन लोगों का नाम हटाया गया है, उनमें से करीब 5,027 लोगों ने पुनः नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया है
=> इन सभी मामलों की जांच अभी जारी है, और सही पाए जाने पर ही नाम वापस जोड़े जाएंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि:
जो लोग गलत तरीके से राशन का लाभ लेते पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
=> इसमें ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान शामिल है।
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि:
=> इसी को रोकने के लिए यह अभियान चलाया गया।
=> शिवहर जिले में कुल:
=> SIR के दौरान 26 हजार से अधिक संदिग्ध वोटर चिन्हित किए गए थे, जिनमें से कई का नाम राशन कार्ड सूची में भी पाया गया।
शिवहर में की गई यह कार्रवाई Public Distribution System को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
=> आने वाले समय में इस तरह की सख्ती से फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और वास्तविक जरूरतमंदों तक सरकारी राशन सही तरीके से पहुंचेगा।