Published on May 29, 2026
केंद्र सरकार ने देश के राशन वितरण सिस्टम (PDS – Public Distribution System) को पूरी तरह आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ी योजना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में “Sarthak PDS Scheme” को मंजूरी दी गई है।
इस योजना के तहत अब राशन वितरण प्रणाली में AI (Artificial Intelligence), QR Code, GPS Tracking और Blockchain जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा ताकि राशन चोरी, फर्जी लाभार्थी और भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
सरकार ने इस योजना के लिए लगभग ₹25530 करोड़ का बजट मंजूर किया है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
Sarthak PDS Scheme केंद्र सरकार की नई तकनीक आधारित राशन वितरण योजना है, जिसका उद्देश्य देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों तक सही समय पर पारदर्शी तरीके से राशन पहुंचाना है।
इस योजना के तहत सरकार पूरे Public Distribution System (PDS) को डिजिटल और स्मार्ट बनाने जा रही है।
सरकार का दावा है कि इससे:
इस योजना का मुख्य उद्देश्य:
सरकार इस योजना में “निर्मल” नाम का AI प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करेगी।
इसका काम होगा:
इससे राशन सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
सरकार “आशा” नाम का Multilingual AI Voice Assistant भी शुरू करेगी।
अगर किसी लाभार्थी को:
तो वह अपनी भाषा में शिकायत दर्ज कर सकेगा।
राशन की पूरी सप्लाई चेन को ट्रैक करने के लिए “सक्षम” प्लेटफॉर्म लागू किया जाएगा।
इसके तहत:
इससे राशन चोरी रोकने में मदद मिलेगी।
AI सिस्टम फर्जी लाभार्थियों को हटाने में मदद करेगा।
GPS Tracking और QR Code से सप्लाई बेहतर होगी।
AI Voice Assistant से लोग अपनी भाषा में शिकायत कर पाएंगे।
सरकार के अनुसार Logistics Cost में 15% से 50% तक कमी आ सकती है।
कम ट्रांसपोर्टेशन के कारण Carbon Emission में लगभग 36% तक कमी आने की संभावना है।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार:
इस योजना के तहत:
बिहार सहित पूरे देश के राशन कार्ड लाभार्थियों को इस योजना का फायदा मिलेगा।
अगर आप Bihar Ration Card उपयोग करते हैं तो:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | Sarthak PDS Scheme |
| लॉन्च करने वाली संस्था | केंद्र सरकार |
| मंजूरी | मोदी कैबिनेट |
| बजट | ₹25530 करोड़ |
| लागू अवधि | 1 अप्रैल 2026 – 31 मार्च 2031 |
| लाभार्थी | 81 करोड़+ राशन कार्ड धारक |
| मुख्य तकनीक | AI, QR Code, GPS Tracking |
यह केंद्र सरकार की नई डिजिटल राशन वितरण योजना है।
देश के 81 करोड़ से अधिक राशन कार्ड लाभार्थियों को।
हाँ, AI आधारित तीन प्लेटफॉर्म लागू किए जाएंगे।
राशन सप्लाई ट्रैक करने और चोरी रोकने के लिए।
1 अप्रैल 2026 से।
Sarthak PDS Scheme 2026 भारत के राशन वितरण सिस्टम में एक बड़ा डिजिटल बदलाव साबित हो सकती है। AI, GPS Tracking और QR Code जैसी तकनीकों की मदद से सरकार राशन वितरण को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाना चाहती है।
अगर यह योजना सफल रही, तो आने वाले वर्षों में राशन सिस्टम में भ्रष्टाचार और चोरी काफी हद तक कम हो सकती है और करोड़ों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा।